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मध्य प्रदेश दृष्टि पत्र - 2018 ( 100 दिवसीय कार्य योजना )

लाडली लक्ष्मी योजना

प्रदेश में बालिकाओं के शैक्षिणिक तथा स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार लाने, अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने , बालिका भ्रूण हत्या रोकने और बालिकाओं के जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच लाने एवं बाल विवाह रोकने के उद्देश्य से लाड़ली लक्ष्मी योजना आरंभ की गई है। योजना 1 जनवरी 2006 के उपरान्त जन्मी बालिकाओं के लिए है।

योजना का लाभ कौन ले सकता है ऐसी बालिकाएं

1. जिनके माता-पिता मध्य प्रदेश के मूल निवासी हों, आयकर दाता न हों
2. द्वितीय बालिका के प्रकरण में आवेदन करने से पूर्व माता या पिता ने परिवार नियोजन अपना लिया हो।
3. प्रथम प्रसव की प्रथम बालिका जिनका जन्म 1.4.2008 के उपरान्त हुआ हो परन्तु द्वितीय प्रसव के उपरान्त परिवार नियोजन अपनाना अनिवार्य होगा।
4. हितग्राही की आंगनवाडी केन्द्र में उपस्थिति नियमित हो
5. जिस परिवार में अधिकतम दो सन्तान हों माता/पिता की मृत्यु हो गई है, उस परिवार के लिये परिवार नियोजन की शर्त अनिवार्य नहीं होगी, परन्तु माता अथवा पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र आवश्यक होगा।
6. जिस परिवार में प्रथम बालक अथवा बालिका है तथा दूसरे प्रसव पर दो जुड़वां बच्चियां जन्म लेती हैं तो, दोनों जुड़वा बच्चियों को इस योजना का लाभ दिया जावेगा।
7. यदि परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया हो तो उसे प्रथम बालिका मानते हुए योजना का लाभ दिया जावेगा।

8.माता पिता की मृत्यू की दशा में, बच्ची की उम्र पांच साल होने तक भी आवेदन पत्र प्रस्तुत किया जा सकता है ।
9. प्रथम प्रसूति की समय एक साथ तीन लड़कियां होने पर भी तीनों बच्चियों को लाड़्ली लक्ष्मी योजना का लाभ मिलेगा ।
10. ऎसे अभिभावक जो बालिका के जन्म के १ वर्ष के अन्दर आवेदन पत्र प्रस्तुत नही कर पाये है , उन्हें यह सुविधा होगी कि आगामी १ वर्ष की अवधि अर्थात बालिका के जन्म के २ वर्ष के अन्दर अपील संबंधित जिले के कलेक्टर को कर सकेगें । प्रकरण मान्य / अमान्य करने के पूर्ण अधिकार कलेक्टर को होंगे ।


आवेदन कैसे और कहॉ करना होगा

1. योजना का लाभ लेने के लिये अपने गांव/मोहल्ले के आंगनवाडी केन्द्र में संपर्क कर आवेदन करना होगा।
2. आवेदन पत्र के साथ निर्धारित समस्त दस्तावेज संलग्न कर देना होगा।
3. अनाथ बालिका की दशा में संबंधित अनाथालय/संरक्षण गृह के अधीक्षक द्वारा बालिका के अनाथालय में प्रवेश के 1 वर्ष के अंदर बालिका की आयु 6 वर्ष होने के पूर्व संबंधित परियोजना अधिकारी को आवेदन करना होगा।

पंजीकरण कब तक

1. प्रदेश की किसी भी आंगनवाडी केन्द्र में जन्म के 1 वर्ष के अन्दर अनिवार्यत: पंजीकरण करा लिया गया हो ।
2. योजना में पंजीकरण के लिये माता-पिता/अभिभावक द्वारा बालिका के जन्म 1 वर्ष के अंदर संबंधित आंगनवाडी कार्यकर्ता को आवेदन प्रस्तुत करना होगा।
3. ऐसी बालिकाएं जो अपने माता-पिता की पहली संतान हैं एवं जिनका जन्म 31 मार्च 2008 के पूर्व हुआ है तो द्वितीय संतान के जन्म 1 वर्ष के अंदर पंजीयन एवं आवेदन कराना आवश्यक होगा।

राशि का प्रदाय

प्रकरण स्वीकृति उपरांत हितग्राही के नाम पर लगातार 5 वर्षो तक रूपये 6000/- के राष्ट्रीय बचत पत्र क्रय किये जायेगें। तदोपरांत :-
बालिका के कक्षा 6 वीं में प्रवेश लेने पर रूपये 2000 कक्षा 9 वीं में प्रवेश लेने रूपये 4000 कक्षा 11 वीं में प्रवेश लेने पर रूपये 7500 का एक मुश्त भुगतान किया जावेगा।
कक्षा 11 वीं में प्रवेश लेने के पश्चात आगामी 2 वर्ष तक रूपये 200 प्रतिमाह का भुगतान बालिका को किया जावेगा।
बालिका की आयु 21 वर्ष होने पर तथा कक्षा 12 वीं परीक्षा में सम्मिलित होने पर शेष एक मुश्त राशि का भुगतान किया जावेगा, किन्तु शर्त यह होगी कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु के पश्चात हुआ हो
योजना के मध्य अर्थात 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पूर्व बालिका के आवेदन पर उस दिनांक तक देय राशि का समय पूर्व भुगतान किया जावेगा शर्त यह होगी कि बालिका की आयु 18 वर्ष की हो कक्षा 12 वीं की परीक्षा में सम्मिलित हो एवं 18 वर्ष उपरांत उसका विवाह हुआ हो।
योजना का लाभ लेने के लिए क्षेत्र की आंगनवाडी कार्यकर्ता ,सेक्टर पर्यवेक्षक , बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

 



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